स्वर्गीय भगवान सिंह महाविद्यालय
महाविद्यालय में आप सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आगंतुकों का हार्दिक स्वागत है। मुझे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि हमारा महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों को सर्वोच्च स्थान देता है। हमारा विश्वास है कि शिक्षा केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने या डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक चेतना विकसित करने की सशक्त प्रक्रिया है।
महाविद्यालय का उद्देश्य ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान करते हुए उन्हें ज्ञान, कौशल और संस्कारों से सशक्त बनाना है। हमारे समर्पित एवं अनुभवी शिक्षक विद्यार्थियों को विषयगत ज्ञान के साथ-साथ तार्किक चिंतन, रचनात्मकता एवं व्यवहारिक समझ विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं। कक्षा-कक्ष से लेकर सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तक, हर स्तर पर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
हम यह मानते हैं कि अनुशासन, परिश्रम और ईमानदारी ही सफलता की सच्ची कुंजी हैं। इसी दृष्टि से महाविद्यालय में एक सकारात्मक, सुरक्षित एवं अध्ययन-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया गया है, जहाँ विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हो सकें। पुस्तकालय, शैक्षणिक संसाधन एवं मार्गदर्शन प्रणाली विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढ़ने में सहायक सिद्ध होती है।
मैं सभी विद्यार्थियों से अपेक्षा करता/करती हूँ कि वे समय का सदुपयोग करें, अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन का सम्मान करें तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझें। आप अपने ज्ञान और आचरण से न केवल अपने परिवार, बल्कि क्षेत्र और राष्ट्र का भी नाम रोशन करें—यही हमारी कामना है।
आप सभी के उज्ज्वल भविष्य हेतु मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।